:
Breaking News

AirSewa Portal Upgrade: यात्रियों की शिकायतों के समाधान में AI की एंट्री, नागरिक उड्डयन मंत्रालय की बड़ी पहल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

नागरिक उड्डयन मंत्रालय AirSewa पोर्टल का नया वर्जन लॉन्च करने जा रहा है और PACR में AI इंटीग्रेशन से हवाई यात्रियों की शिकायतों का समाधान तेज और प्रभावी होगा।

भारत में हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या और विमानन सेवाओं के विस्तार के बीच अब यात्रियों की शिकायतों के समाधान प्रणाली को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) जल्द ही एयरसेवा पोर्टल का नया और उन्नत संस्करण लॉन्च करने जा रहा है। इसके साथ ही पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी शामिल किया जाएगा, जिससे शिकायतों के निपटारे की गति और पारदर्शिता दोनों में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।

वर्तमान समय में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फ्लाइट देरी, कैंसिलेशन, बैगेज समस्या और अन्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें भी तेजी से बढ़ी हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए एयरसेवा पोर्टल और PACR सिस्टम को विकसित किया गया था, लेकिन अब तकनीक के नए युग में इसे और अधिक स्मार्ट और तेज बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस सिस्टम में AI तकनीक को जोड़ने जा रही है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, PACR में प्रतिदिन औसतन 300 से 400 शिकायतें दर्ज होती हैं। कभी-कभी यह संख्या और भी अधिक हो जाती है, खासकर जब मौसम खराब होता है या किसी बड़े ऑपरेशनल इश्यू के कारण उड़ानों पर असर पड़ता है। ऐसे में शिकायतों को मैन्युअल तरीके से छांटना और संबंधित विभागों तक पहुंचाना समय लेने वाला काम बन जाता है। AI तकनीक के जुड़ने से यह प्रक्रिया काफी तेज और स्वचालित हो जाएगी, जिससे यात्रियों को जल्द समाधान मिल सकेगा।

AI सिस्टम की मदद से शिकायतों को उनकी प्रकृति के अनुसार तुरंत वर्गीकृत किया जाएगा और सही एयरलाइन, एयरपोर्ट अथॉरिटी या संबंधित विभाग तक भेजा जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि समाधान की गुणवत्ता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। मंत्रालय का मानना है कि यह तकनीक शिकायत निवारण प्रणाली को एक नए स्तर पर ले जाएगी।

नागरिक उड्डयन सचिव ने जानकारी दी है कि आने वाले लगभग 90 से 100 दिनों के भीतर एयरसेवा पोर्टल और मोबाइल एप का नया अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च किया जाएगा। यह नया प्लेटफॉर्म पहले की तुलना में अधिक यूजर-फ्रेंडली, तेज और तकनीकी रूप से मजबूत होगा। यात्रियों को अब शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति ट्रैक करने में अधिक सुविधा मिलेगी।

PACR की शुरुआत दिसंबर 2025 में की गई थी, जब देश की बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर बाधाएं आई थीं। उस समय यात्रियों की शिकायतों को तेजी से हल करने के लिए यह केंद्रीकृत प्रणाली तैयार की गई थी। यह कोई सामान्य हेल्पलाइन नहीं है, बल्कि एक ऐसा समन्वित सिस्टम है जिसमें एयरलाइंस, एयरपोर्ट्स, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और नियामक संस्थाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं।

इस प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां अलग-अलग विभागों के बीच फाइलें या अनुमोदन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है और समाधान प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाती है। इसी वजह से PACR ने अब तक 73,000 से अधिक शिकायतों का सफल समाधान किया है और इसकी सफलता दर लगभग 98 प्रतिशत दर्ज की गई है।

मंत्रालय के अनुसार, आपात स्थिति में जैसे घना कोहरा, खराब मौसम या अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान उड़ानों पर असर पड़ने से शिकायतों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। हाल ही में पश्चिम एशिया संकट के दौरान यह संख्या प्रतिदिन 500 से अधिक पहुंच गई थी। ऐसे समय में AI आधारित सिस्टम बहुत उपयोगी साबित होगा क्योंकि यह भारी डेटा और शिकायतों को आसानी से संभाल सकेगा।

यात्रियों के लिए शिकायत दर्ज करने के कई माध्यम उपलब्ध हैं, जिनमें एयरसेवा पोर्टल, मोबाइल एप, ईमेल, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन नंबर शामिल हैं। यात्री 011-24604283 या 011-24632987 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नए सिस्टम के आने के बाद इन सभी माध्यमों को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर और अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ा जाएगा।

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजारों में से एक बन चुका है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, केवल जनवरी से अप्रैल के बीच ही 5.75 करोड़ से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा की है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए एक मजबूत, तेज और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।

सरकार का मानना है कि AI और डिजिटल अपग्रेड के जरिए एयरसेवा और PACR सिस्टम को और अधिक पारदर्शी, तेज और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। इससे न केवल यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा बल्कि भारतीय विमानन क्षेत्र की वैश्विक छवि भी मजबूत होगी।

कुल मिलाकर, यह पहल हवाई यात्रा को अधिक यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें तकनीक और प्रशासन मिलकर सेवाओं को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *